दीपक शर्मा (संवादाता)
रिक्त पदों की वास्तविक संख्या छिपा रही सरकार, बेरोजगार युवाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़”
भोपाल :- विधानसभा मानसून सत्र के दौरान जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने प्रदेश में रिक्त पदों, भर्ती प्रक्रियाओं और अनुकंपा नियुक्तियों के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है और सदन में भी सही जानकारी देने से बच रही है। विधायक सेना पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सरकार ने उनके प्रश्न के उत्तर में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है तथा सामान्य प्रशासन विभाग के पास भी समुचित आंकड़े नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े विषय पर सरकार के पास स्पष्ट जानकारी ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर से ही सरकार के दावों की सच्चाई सामने आ जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक कुल 66,394 पदों का परीक्षण किया गया, लेकिन केवल 54,681 पदों पर नियुक्तियां की गईं, जबकि लगभग 6,200 पद होल्ड पर रखे गए। इससे स्पष्ट है कि हजारों पद अब भी रिक्त हैं और सरकार उन्हें भरने में असफल रही है। सेना पटेल ने कहा कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में लगभग 46,124 पदों का विवरण सामने आया है, जबकि प्रदेश के विभिन्न विभागों में वास्तविक रिक्त पदों की संख्या इससे कहीं अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे उसकी रोजगार संबंधी नीतियों की विफलता उजागर हो जाएगी। उन्होंने सदन में कहा कि प्रदेश के लाखों शिक्षित युवा वर्षों से भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार रिक्त पदों की सही संख्या बताने से बच रही है।
अनुकंपा नियुक्तियों का मुद्दा उठाते हुए सेना पटेल ने कहा कि 29 सितंबर 2014 को जारी अनुकंपा नियुक्ति संबंधी नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि पात्र आश्रित को रिक्त पद उपलब्ध होने पर नियुक्ति दी जाएगी। नियमों के अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद प्रदेश में बड़ी संख्या में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण वर्षों से लंबित पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार यह बताने की स्थिति में भी नहीं है कि वर्तमान में कितने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण लंबित हैं और उन्हें कब तक निराकृत किया जाएगा। जिन परिवारों ने अपने कमाऊ सदस्य को खो दिया, वे वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को समझने के बजाय आंकड़े छिपाने में लगी हुई है।
विधायक सेना पटेल ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि जब हजारों पद रिक्त हैं तो उन पर भर्ती कब तक की जाएगी? क्या सरकार भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की कोई समय-सीमा तय करेगी? क्या सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को यह भरोसा दे सकती है कि सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी?
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। एक ओर युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, दूसरी ओर हजारों सरकारी पद खाली पड़े हुए हैं। यह स्थिति सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़े करती है।
सेना महेश पटेल ने मांग की कि सरकार प्रदेश के सभी विभागों में रिक्त पदों की वास्तविक संख्या सदन के पटल पर रखे, लंबित अनुकंपा नियुक्तियों का पूरा विवरण प्रस्तुत करे तथा समयबद्ध भर्ती अभियान चलाकर सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरे, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और पात्र परिवारों को न्याय मिल सके।

